जिंदा रहना हर आदमी का अधिकार है: आलेख (एस तौहीद शाहवाज़)

"देश की एक बड़ी आबादी गरीबी रेखा के नीचे जिंदगी काट रही, फुटपाथ के लोगों की तक़दीर पहले से कोई बहुत ज्यादा नहीं बदली। हाशिए के लोगों के हांथ अब भी खाली हैं । महंगाई, भ्रष्टाचार व कालाबाजार का ताप सबसे ज्यादा निच... Read More...