‘सीमा आरिफ’ की पांच कवितायें: humrang

आभासी दुनिया में खोये युवाओं में ह्रास होती मानवीय संवेदना और प्रेम को तलाश करती 'सीमा आरिफ' की कवितायें |...... 1 -   सीमा आरिफ यह फेसबुक पर जन्मे मुहब्बत टाइप अफ़साने लम्बी सड़कों से तेज़ दौड़ लगाते ... Read More...

दिल के खोह से बाहर आओ प्रेम: कवितायेँ (निवेदिता)

'क्या जुल्मतों के दौर में भी गीत गाये जायेंगे....... हाँ जुल्मतों के दौर में ही गीत गाये जायेंगे' ..... प्रेम गीत, जिसका हर शब्द इंसानियत के भीतर संवेदना बनकर स्पंदन करने की क्षमता रखता हो | यूं तो निवेदिता की ... Read More...

बे-सिर-पैर की बातें : कवितायें (सौरभ शेखर)

सौरभ शेखर की कवितायें समाज के वह प्रतिबिम्ब हैं जो समय के साथ चलते हुए अक्सर ही छोटी-बड़ी घटना, विचार और व्यक्तित्व के रूप में सामने आते हैं इन विभिन्न सामाजिक पहलुओं को शब्द और अभिव्यक्ति में पिरोने का कौशल आपक... Read More...