यादें हैं शेष, इंसान और इंसानियत को ऊँचाई देने वाले कवि की:

कुंवर नारायण (19 सितम्बर, 1927, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश) हिन्दी के सम्मानित कवियों में गिने जाते हैं। कुंवर जी की प्रतिष्ठा और आदर हिन्दी साहित्य की भयानक गुटबाजी के परे सर्वमान्य है। उनकी ख्याति सिर्फ़ एक लेखक क... Read More...

‘शिव प्रकाश त्रिपाठी’ की कविताएँ …

कम शब्दों में बहुत कुछ कहने और समझाने का प्रयास करती 'शिव प्रकाश त्रिपाठी' की कविताएँ .......  'शिव प्रकाश त्रिपाठी' की कविताएँ ...  शिवप्रकाश त्रिपाठी 1- जब भी मै लिखता हूँ भिंची हुई मुट्ठी, भौहें तन जात... Read More...