गोजर: कहानी (प्रो० विजय शर्मा)

यूं तो कहानी बहुत पहले लिखी गई .... लेकिन आज पढ़ते हुए लगता है जैसे हम सब पूरा समाज असहाय गोजर (कांतर) बनता जा रहा है और ऊपर रखी अनचाही ईंट का वज़न लगातार बढ़ रहा है ....... ' विजय शर्मा' की कहानी  गोजर  विजय... Read More...

महापंचायत…: कहानी (अभिषेक प्रकाश)

अभिषेक की कलम खासकर साहित्यिक विधा के तौर पर पूर्व नियोजित होकर लिखने की आदी  नहीं है | हाँ बस वे मानव जीवन की घटना परिघटनाओं पर वौद्धिक क्रिया-या प्रतिक्रिया पर अपनी कलम न घसीटकर, अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति को उ... Read More...

एक रचनाकार को उसकी रचनाएं जीवित रखती हैं पुरस्कार नहीं: हृषिकेश सुलभ

एक रचनाकार को उसकी रचनाएं जीवित रखती हैं पुरस्कार नहीं:  15 फरवरी 1955 को बिहार के सीवान जिले के लहेजी ग्राम में स्वतंत्रता सेनानी रमाशंकर श्रीवास्तव के आंगन में एक बच्चे का जन्म हुआ जो अपनी प्रारंभिक पढाई के ... Read More...

कहना सुनना: कहानी हिंदी में (कुमार अम्बुज) ( kahani in hindi )

मानवीय रिश्तों की गर्माहट को भेदती छद्म आज़ादी से होकर किसी बारीक रेशे की तरह गुजरती जिंदगी के बेहद सूक्ष्म कणों को पकड़ने, जोड़ने का प्रयास करती कवि 'कुमार अम्बुज' की यह कहानी .....| - संपादक  कहना सुनना  कु... Read More...

फेसबुक: नाटक (अनीता चौधरी)

अनीता चौधरी की कलम कविता, कहानी, नाटक जैसी साहित्य की महत्वपूर्ण विधाओं पर सक्रिय है इस कड़ी में आपका एक बाल नाटक ....|  फेसबुक  अनीता चौधरी दृश्य – 1 (घर का दृश्य, शाम का समय है | पिताजी ऑफिस से आते है औ... Read More...

वारिस: कहानी (प्रो० विजय शर्मा)

"एक बार के हुए दंगों ने जब उन्हें जड़ से उखाड़ दिया तो वे आकर इस मोहल्ले में बस गए। दंगों में उन्हीं जैसे गरीब लोगों का नुकसान हुआ था। उन्हीं जैसे गरीब लोगों के घर में आग लगी थी। उन्हीं जैसे गरीब लोग मारे गए थे। ... Read More...

ड्रामा क्वीन: कहानी (अनीता मिश्रा) kahani in hindi

"सरिता ने हाथ की रस्सी को झटक कर फेंका और घूरकर लखन को देखने लगी। वह इतनी कसकर हिचकी लेकर रो रही थी कि उससे कुछ बोला नहीं जा रहा था। सास ने लानत भरी आवाज में कहा, ‘’दुल्हिन ! तुम दुई कौड़ी की निकली। अरे, धीरे –ध... Read More...

खो जाते हैं घर : कहानी (सूरज प्रकाश)

यथार्थ से जूझती बेहद मार्मिक और संवेदनशील कहानी ..... वरिष्ठ साहित्यकार सूरज प्रकाश की कलम से ...| खो जाते हैं घर सूरज प्रकाश बब्बू क्लिनिक से रिलीव हो गया है और मिसेज राय उसे अपने साथ ले जा रही हैं। उन्हों... Read More...

उस रात : लघु कथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

लघु कहानी के नए हस्ताक्षर के रूप में उभरते 'सुशील कुमार भारद्वाज' की कलम से मानवीय अंतरद्वंद को उकेरती उनकी अगली लघुकथा हमरंग के मंच से आप सब के बीच ........| - संपादक  उस रात उस रात दिल और दिमाग दोनों में ... Read More...

मैं भी आती हूं ….! कहानी (हनीफ मदार)

वर्तमान समय की  उपभोगातावादी व्यवस्था के कारण  हरी भरी भूमि और  पेड़ों को काटकर ईट पत्थर की चन्द दीवारों द्वारा बने मकानों के दर्द को बयाँ करती है  हनीफ मदार की कहानी  ' मैं भी आती हूँ ..... ' जिसमें धर्म के आगे... Read More...