यादें.. एवं अन्य कवितायें : निवेदिता

जीवन के एकांत, भावुकताओं, टूटते बिखरते और फिर-फिर जुड़ते मानवीय दर्प के बीच से धड़कती संवेदनाओं के साथ गुज़रती हैं 'निवेदिता' की कवितायें | भावुक प्रेमिका, संवेदनशील माँ, अपने समय से संघर्ष करती आधुनिक स्त्री और प... Read More...

चाँद के पार एक चाभी: कहानी (अवधेश प्रीत)

'अवधेश प्रीत' अपनी कहानियों में सामाजिक समस्याओं को बहुत ही मार्मिक रूप में प्रस्तुत करते हैं. उनकी कहानियों में सिर्फ विमर्श ही नहीं होता है बल्कि भूत, भविष्य के साथ-साथ वर्तमान का भी एक प्रतिरूप नज़र आता है. उ... Read More...

‘तरसेम कौर’ की तीन कविताएँ

कविता लिखी नहीं जाती शायद वह बनती है, सजती है भीतर कहीं गहरे मन के अंतस में, और रिस पड़ती है शब्दों की बुनावट लेकर, कुछ ऐसे ही एहसास से भरतीं हैं 'तररसेम कौर' की कविताएँ ...................... १-   तरसेम कौ... Read More...