जिस्म की गिरफ़्त : कवितायें (डॉ. मोहसिन ख़ान ‘तनहा’)

सामाजिक बुनावट से त्रिस्कृत  और अछूत जिन्दगी के मानवीय पहलुओं को रेखांकित करती, कथित सभ्य समाज को खुद का विद्रूप चेहरा दिखाती एवं वर्तमान व्यवस्थाओं पर प्रश्न चिन्ह खडा करती डॉ मोहसिन खान की बेहतरीन कवितायें ..... Read More...