‘डिअर जिन्दगी’ व-नाम लव यू ज़िन्दगी..: फिल्म समीक्षा (संध्या नवोदिता)

जिंदगी में प्यार बहुत से रिश्तों से मिलता है लेकिन हमें बचपन से भावनाओं को दबाना सिखाया जाता है. रोओ तो कहा जाता है रोते नहीं, स्ट्रांग बनो. किसी पर गुस्सा आये तो गुस्सा नहीं करो, स्माइल करो. ऐसे अनुकूलन करते ह... Read More...