नए-नए जुमले और मुहावरे: कविता (डॉ मोहसिन खान)

सदियों से सत्ताधारी अपनी सत्ता के लालच में आमजन में पनपे भाई चारे को कभी जाति के नाम पर, कभी धर्म के नाम, तो कभी भाषा को हथियार बना कर आम जनता को बांटकर हमेशा अपनी सत्ता कि रोटियां सेकते  रहे  हैं | इसी दर्द को... Read More...