मुझे तुम पर पूरा यकीन हैं एवं अन्य कवितायें, नित्यानन्द गायेन

सच फासीवाद की सूली पर है | मौक़ा परस्ती न केवल चरम छू रही है बल्कि यथार्थ  चित्रण  को प्रभावित करती अवसर वादिता .... ऐसे में सच और भ्रम के खांचे में फिट होता इंसानी कोहराम .... इस पीड़ादायक विभीषिका में भी सच के ... Read More...

बारिश में दिल्ली: व्यंग्य (नित्यानन्द गायेन)

कविता की दुनिया में अपनी ख़ास पहचान रखने वाले कलमकार की कलम से निकले व्यंग्य को पढ़ते हुए व्यंग्य में भी एक कवि की उपस्थिति का एहसास तो जरूर होता है लेकिन व्यवस्थापकीय छोटी छोटी खामियों से उत्पन्न होने वाली बड़ी अ... Read More...