दुनिया का सबसे गरीब आदमी: कविताएँ (चंद्रकांत देवताले)

देवताले जी की कविताओं में नैतिकता व मनुष्यता का उजास दिखाई देता है साथ ही एक विरूद्ध होते संसार में रहने का सच भी ऊजागर होता है। ऐसे ही उम्मीद के कवि की कविताएं जनशक्ति का आह्वान तो करती ही हैं।  दुनिया का स... Read More...

उस रात : लघु कथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

लघु कहानी के नए हस्ताक्षर के रूप में उभरते 'सुशील कुमार भारद्वाज' की कलम से मानवीय अंतरद्वंद को उकेरती उनकी अगली लघुकथा हमरंग के मंच से आप सब के बीच ........| - संपादक  उस रात उस रात दिल और दिमाग दोनों में ... Read More...

‘उत्तमी की माँ’ एक विमर्श की माँग: आलेख (साक्षी)

पुरुषसत्तात्मक समाज में लड़की का नैतिकता पूर्ण आचरण व स्वयं को पुरुष के आनंद की वस्तु बनाना स्त्री की नियति है और ऐसा ही उसका मनोविज्ञान भी बनता है। सिमोन द बोउवार कहती है’’ स्त्री बनती नहीं बनाई जाती है’ और ‘‘... Read More...