सरकारी कलाभवन और तलाक शुदा औरतें: कविताएँ (पंखुरी सिन्हा)

(पंखुरी सिन्हा की कविताओं में कवि की सोच और संवेदना मुखर होकर प्रकट होती है. स्त्री-विमर्श के नये आयाम खुलते हैं. खासकर सरकारी कलाभवन वाली कविता तो ज़बरदस्त है...मैं इन कविताओं से मुतास्सिर हूँ कि आपके पास कथ्य-... Read More...