उफ़ परसाई हाय परसाई: आलेख (युनुस खान)

हिम्‍मत नहीं थी कि आकाशवाणी की कैजुएली वाले उन दिनों में अपनी बेहद प्रिय 'स्‍ट्रीट-कैट' साइकिल को परसाई जी के घर की ओर मोड़ दिया जाए । लेकिन ये शौर्य हमने दिखा ही दिया एक दिन । और नेपियर टाउन में परसाई जी के घर... Read More...

परसाई का मुँह काला कर दिया जाता……: आलेख (हफीज़ किदवई)

परसाई की कलम बिलकुल घिसीपिटी नही थी। उसमे एक चमक थी। धार थी। जो किसी भी बुराई को काटने की ताक़त रखती। कविता, कहानी, उपन्यास, लेख सबमे परसाई ने खूब काम किया। अपने आखरी दिनों तक वह सिर्फ और सिर्फ लिखते रहे। वह भी ... Read More...

क्या समय है…? परसाई के पुनर्मुल्यांकन का: आलेख (एम० एम० चंद्रा)

"इस बात को हम अच्छी तरह से जानते है की परसाई अपने युगबोध को साथ लेकर चल रहे थे. जब हम परसाई का मूल्यांकन करेंगे तो हमें वामपंथ के वैचारिक पक्ष पर भी बात करनी पड़ेगी, पार्टी संगठन और अपनी आलोचना और आत्मालोचना से ... Read More...