स्त्री आंदोलन-इतिहास और वर्तमान: आलेख ‘पांचवीं क़िस्त’ (डॉ0 नमिता सिंह)

दरअसल मार्क्स ने वर्गीय आधार पर आधुनिक समाज में स्त्रियों के शोषण और उनकी निम्नतर स्थितियों के लिये बड़ी सीमा तक पूंजीवादी व्यवस्था को जिम्मेदार समझते हुए कहा कि स्त्रियों का संघर्ष चाहे वह परिवार में हो या कार... Read More...

चकाचौंध, भौतिकवादी जीवन का स्याह पक्ष: समीक्षा (शुशील भारद्वाज)

आज की मृगतृष्णा जीवन पद्धति में मानसिक एवं भावनात्मक असामंजस्य से नारकीय होते पारिवारिक जीवन से त्रस्त लोग आभासी दुनिया में सुख-शांति और जन्नत की तलाश कर रहे हैं. फ्रेंडशिप क्लबों आदि के सहारे जिंदगी को नए रूप ... Read More...