जलतरंग : कहानी (प्रतिभा)

उसके तिलिस्म को बिखरते हुए देखने का मेरा इन्तज़ार जितना लम्बा हो रहा था उसका तिलिस्म उतना ही ताकतवर हो रहा था..... उस कल्पनाजीवी औरत के विश्वास के महलों के आगे मेरे यथार्थ के महल काँपते नज़र आ रहे थे ..... कुछ ... Read More...