इंसानियत, एवं अन्य कविताएँ (प्रेमा झा)

कुछ व्याकुल सवालों के साथ इंसानों की बस्ती में इंसानियत और प्रेम को खोजतीं 'प्रेमा झा की कवितायें ..... इंसानियत प्रेमा झा तुमने मुझे प्यार किया मजहब की दीवारें तोड़कर मुल्क की दीवारें लांघकर मगर ... Read More...

उसका प्रेमी: एवं अन्य कवितायेँ (प्रेमा झा)

कविता के अंतर्मन में झांकते शब्दों से प्रेम को परिभाषित करतीं 'प्रेमा झा' की कविताएँ ......| उसका प्रेमी  प्रेमा झा तस्वीर का आगाज़ जाने कब हुआ तब जब आइना भी नहीं खोजा गया था! खुद को भी न पहचानता वो शख्... Read More...