एक बिटिया की मनोव्यथा…: कविता (तरसेम कौर)

नए लेखकों को बेहतर मंच प्रदान करना भी हमरंग के उद्देश्यों में शामिल है | इसी पहल के साथ अब तक हमरंग एक नहीं कई नव लेखकों की रचनाएं प्रकाशित कर उन्हें प्रोत्साहित कर चुका है और उनकी कलम निरंतर चल रही है  | आज इस... Read More...

बिटिया बड़ी हो गयी: कहानी (डॉ0 नंदलाल भारती)

"नरोत्तम- मुसीबत के माहौल में पले-बढ़े। मेरी भी नौकरी का कोई भरोसा नही था, मैं जातीय अयोग्यता की वजह से उत्पीड़न का शिकार हो चुका था । अपने तो खैर कोई शहर में थे नही । ये कामप्रसाद दूर गांव के सजातीय मिल गये थे। ... Read More...