सिर्फ ‘तुम’: एवं अन्य कविताएँ (भूपेंद्र ‘भावुक’)

इंसानी हालातों के ज़ज्बाती चितेरे भूपेंद्र 'भावुक' की कविताएँ......... सिर्फ 'तुम'  भूपेंद्र भावुक हाँ सिर्फ 'तुम' हीं तो हो यहाँ वहाँ इसमें उसमें मुझमें सबमें। और आज से नहीं जब 'तुम' मुझे- इस कद... Read More...