प्रेमचंद एक पुनर्पाठ, के संदर्भ में एक टिपण्णी: (डॉ. मोहसिन ख़ान ‘तनहा)

“हमरंग” के संपादकीय आलेख ‘प्रेमचंद एक पुनर्पाठ‘ के संदर्भ में साहित्यकार डॉ. मोहसिन ख़ान ‘तनहा की एक बड़ी टिपण्णी ……जिसे विमर्श के तौर पर जस के तस यहाँ प्रकाशित कर रहे है... Read More...

अब बनाएँ सदाचार का टीका : व्यंग्य (ब्रजेश कानूनगो)

अब बनाएँ सदाचार का टीका <a href="http://www.humrang viagra generique doctissimo.com/?attachment_id=1695" rel="attachment wp-att-1695">ब्रजेश कानूनगो साधुरामजी उस दिन बडे परेशान लग रहे थे। कहने लगे ‘द... Read More...

पिंकीसिंह की प्रेरक कहानी, उर्फ़ पिक्चर अभी बाकी है..: व्यंग्य (ब्रजेश कानूनगो)

महात्मा जी ने कभी स्वच्छता का पाठ पढ़ाया था हमें। देश की हर सरकार बापू के विचारों को अपनाने को कृत संकल्पित रहती है, न भी रहती है तो यह विश्वास दिलाने का प्रयास जरूर करती है कि वह गांधीवाद के साथ है.और वह बापू क... Read More...