और’मुंशी’ प्रेमचंद’ बन गए: किस्सा, (सूरज प्रकाश)

31 जुलाई को कथा सम्राट प्रेमचंद की 137 वीं जयंती पर विशेष -  और'मुंशी' प्रेमचंद' बन गए   सूरज प्रकाश दुखियारों को हमदर्दी के आंसू भी कम प्यारे नहीं होते – प्रेमचंद  प्रेमचन्द (धनपतराय) (नायाब राय) (1880 - ... Read More...

शहीद एक प्रेरक चरित्र: सिने चर्चा (सैयद एस तौहीद)

अजीब विडम्बना है कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में भगत सिंह पर दर्जनों फिल्मे आने के बाद भी क्या एक भी फिल्म भगत सिंह को उनके वास्तविक विचार के साथ चित्रित कर सकी है.....? जिस पर आज चर्चा की जा सके.....बावजूद इसके... Read More...

आदर्श समाज की परिकल्पना-संत रैदास: आलेख (शिवप्रकाश त्रिपाठी)

रविदास ने ऐसे समाज की परिकल्पना की जिसमें कोई ऊंच-नीच, भेदभाव, राग-द्वेष न हो। सभी बराबर हो सामाजिक कुरीतियों न हो, जिसे कालान्तर में महात्मा गांधी द्वारा रामराज्य की अवधारणा के रुप में महत्व मिला। संत रैदास के... Read More...