प्रेमचंद, एक पुनर्पाठ: संपादकीय आलेख (हनीफ़ मदार)

प्रेमचंद, एक पुनर्पाठ हनीफ मदार प्रेमचंद की साहित्य धारा को जिस तरह 'यशपाल', रांगेय राघव' और राहुल सांकृत्यायन ने जिस मुकाम तक पहुंचाने में अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल किया वह साहित्यिक दृष्टि और ऊर्जा बाद की पीढ... Read More...

लेखक: कहानी (मुंशी प्रेमचंद)

बीसवीं सदी के शुरूआती दशकों से अपने लेखन से हिंदी साहित्य को "आम जन की आवाज़" के रूप में प्रस्तुत करने व साहित्य में सामाजिक और राजनैतिक यथास्थिति के यथार्थ परक चित्रण से, हिंदी साहित्य को एक नई दिशा देने वाले क... Read More...