मुआवज़ा: कहानी (फरीदा ज़माल)

क्यों अखरती हैं मुखर स्त्रियाँ…: आलेख (अनीता मिश्रा)

“शायद दुनिया में अधिकतर जगह ऐसा है कि ज्यादा तर्क – वितर्क करती स्त्री को उस तरह से सम्मान नहीं मिल पाता है जिस तरह पुरुष को मिलता है । ऐसा करने वाला पुरुष जहाँ सबकी नज़रों में महान बन जाता है ,बुद्धिमान समझा जा... Read More...