मुसलमान: कविता (निवेदिता)

कुछ रचनाएं वर्तमान समय की विद्रूप विभीषिकाओं को बेहद स्पष्ट स्वरूप में सामने ला खड़ा करती हैं | ये रचनाएं मानव अंतर्मन को गहरे तक हिला देती हैं जहाँ इंसान खुद को एक बड़े सवाल के सामने जबावदेह के रूप में खड़ा पा... Read More...

तू हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा:

३१ जुलाई २०१६ को सुर-सम्राट मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि पर पटना में आयोजित कार्यक्रम से 'अनीश अंकुर' ...... तू हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा  दिनेश कुमार शर्मा 31 जुलाई वैसे तो पूरे... Read More...

हाशिये के विमर्श में सशक्त उपस्थिति: समीक्षालेख (डॉ0 रमाकांत राय)

"राही मासूम रज़ा वाले खंड में ही बकलम खुद राही मासूम रज़ा के कई महत्त्वपूर्ण और अप्रकाशित आलेख भी संकलित किये गए हैं। इन आलेखों से राही मासूम रज़ा के रचनाकार व्यक्तित्व का पता चलता है। सबसे महत्त्वपूर्ण है राही मा... Read More...