भविष्य की मौत: एवं अन्य कविताएँ (दामिनी यादव)

जहाँ वर्तमान जब मौजूदा प्रतीकों के साथ असल रूप में संवेदनाओं के धरातल पर रचनात्मक दस्तक देता है तब कोई कविता महज़ एक रचना या लेखकीय कृति भर नहीं रह जाती बल्कि वह एक स्वस्थ संवाद की ताजगी के साथ उतरती है समाज की ... Read More...

कवि की मौत : कविता (प्रशांत विप्लवी)

आज की बाजारवादी सामाजिक व्यवस्था के कारण कवितातों में से सिमटते ग्रामीण परिवेश को शिद्दत से महसूसती प्रशांत विप्लवी की यह कविता - अनीता चौधरी कवि की मौत  प्रशांत विप्लवी अंतिम कविता में पानी माँगा गाँव ... Read More...