लकीरें— एवं अन्य कविताएँ (रवि सिंह)

संवेदनाएं किसी सीमा, रेखा, पद, प्रतिष्ठा या क़ानून की बंदिश से ऊपर वह मानवीय गुण है जो इंसानी दृष्टि से शुरू होकर प्रेम और करुणा तक जाता है और सम्पूर्ण समाज जगत को अपने भीतर बसे होने का एहसास जगाता है | रवि सिंह... Read More...