आदर्श समाज की परिकल्पना-संत रैदास: आलेख (शिवप्रकाश त्रिपाठी)

रविदास ने ऐसे समाज की परिकल्पना की जिसमें कोई ऊंच-नीच, भेदभाव, राग-द्वेष न हो। सभी बराबर हो सामाजिक कुरीतियों न हो, जिसे कालान्तर में महात्मा गांधी द्वारा रामराज्य की अवधारणा के रुप में महत्व मिला। संत रैदास के... Read More...