मदारी: लघुकथा (दिलीप कुमार)

हमरंग हमेशा से ही उभरते नए कलमकारों का स्वागत करता रहा है बिना उनकी शिल्प और शैली पर ज्यादा ध्यान के हाँ किन्तु विषय-वस्तु और वैचारिक प्रवाह के साथ उसमें एक संभावनाशील कलमकार दिखाई देता हो | हमरंग के इस प्रयास ... Read More...

मैं क्यों पीछे रहूं…: लघुकथा (अनीता चौधरी)

"पार्वती आज तो तू सुबह से ही भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की लंबी उम्र की दुआ कर रही है |" तो वह तुरंत बोली, "अरे, बीबी जी तुमसे क्या छुपाना ! तुम्हें क्या लगता है, जो पति रोज रात को शराब पीकर मुझे पीटता है उसकी ल... Read More...
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गोपाल: कहानी (फ़िरोज अख्तर)

मानवीय चरित्र और उसकी संवेदनशीलता को एक पल के लिए झकझोर देने के साहस के साथ बेहद लघु आकार के बावजूद कितने बड़े और और अनसुलझे सवालों से मुठभेड़ के लिए विवश करती 'फ़िरोज अख्तर' की लघुकथा ..... | - संपादक  गोपाल  ... Read More...