जन-गण-मन एवं अन्य कवितायें, स्मरण शेष (रमाशंकर यादव ‘विद्रोही)

3 जनवरी 1957 को फिरोज़पुर (सुल्तानपुर) उत्तरप्रदेश में जन्मे, रमाशंकर यादव 'विद्रोही' हमारे बीच नहीं रहे ... जैसे जे एन यू खाली हो गया है... जैसे फक्कड़ बादशाहों की दिल्ली खाली हो गयी है !! उनका बेपरवाह अंदाज़, फ... Read More...

डाका : कहानी (सुरेन्द्र रघुवंशी )

थोड़ी देर बाद डाकू पास ही स्थित हमारे घर के आँगन में थे। वे घर के भीतर घुसकर देख रहे थे। न कोई जन और न ही धन उन्हें वहां मिला।वे आँगन में इकठ्ठा होकर मंत्रणा करने लगे। बड़े ताऊ जी अटारी पर चढ़कर छिपे हुए बैठे थे।उ... Read More...