महात्मा गाँधी को चिट्ठी पहुँचे: व्यंग्य (हरिशंकर परसाई)

(“हरिशंकर परसाई: – चर्चा ज़ारी है …….” के दसवें दिन ……. परसाई की व्यंग्य रचना ‘महात्मा गाँधी को चिट्ठी पहुँचे’) महात्मा गाँधी को चिट्ठी पहुँचे  यह चिट्ठी महात्मा मोहनदास करमचंद गाँधी को पहुंचे. महात्माजी, मैं ... Read More...

ढूंढ सके तो ढूंढ

एक सप्ताह बाद जैसे ही दूरदर्शन पर  रामायण धारावाहिक  शुरू हुआ, हमारा पूरा परिवार आंखें गड़ाए, साधुरामजी को  उसमें  शॉट दर शॉट खोजने लगा।  महाबली रावण  रथ पर सवार हुआ।  'जय लंकेश!' के घोष के साथ  लंका का पश्चिमी... Read More...

गोद में गांव , शहर बने स्मार्ट: व्यंग्य (आरिफा एविस)

‘भाई मेरे अब जमाना बदल रहा है. जब स्मार्ट फ़ोन, स्मार्ट टी.वी और स्मार्ट लोग हो सकते हैं तो स्मार्ट सिटी भी बन जाने पर कम से कम कुछ लोगों का तो भला होगा ही. उनसे ही रिस रिस कर विकास की गंगा गांवों तक आएगी और भार... Read More...
article placeholder

विज्ञापन बोर्डों में हिन्दी का हाल: व्यंग्य (ब्रजेश कानूनगो)

हिंदी दिवस पर विशेष…… विज्ञापन बोर्डों में हिन्दी का हाल  ब्रजेश कानूनगो भाषा विज्ञान और व्याकरण जहां टकराते हों वहां भाषा की शुद्धता एक बिंदु हो सकता है. स्थापित और निर्धारित प्रणाली के अनुसार शब्दों और सह... Read More...