एक मोर्चा एवं अन्य कवितायें : जिजीविषा रजनी

शब्द और संवेदनाओं के सम्मलित एहसास से गुथी जिजीविषा रजनी की कविताएँ सहज ही मानवीय अन्तःकरण में इंसानी उद्वेग को झकझोरती सी प्रतीत होती हैं | जैसे खड़े हैं कुछ सवाल खुद जवाब बनकर .....| - संपादक  एक मोर्चा ज... Read More...