स्त्री जब पुरुष के साथ…! एवं अन्य कविताएँ (सीमा आरिफ)

मशीनी सभ्यता से मानवीय रिश्तों की गर्माहट से तपती ज़मीन को खोज लाना लेखकीय जिद है जैसे जीवित किन्तु इंसानी अवशेषों का प्रमाण | कुछ ऐसी ही ज़िद है "सीमा आरिफ़" की  रचनाओं में जो भावुक स्पर्श और भ्रामक स्पंदन के बीच... Read More...

ज़ुल्म के गलियारों में : एवं अन्य कविताएँ (सीमा आरिफ)

वर्तमान के सामाजिक, राजनैतिक तंग हालातों के बीच भविष्य के मानवीय खतरों को देखने का प्रयास करती 'सीमा आरिफ़' की लेखकीय सामाजिक सरोकारी प्रतिबद्धता उनकी रचनाओं की तरह बेहद गहरी होती जान पड़ती है | इन गहराती आशंकाओं... Read More...

“हमरंग” की टीम से एक खुशनुमा भेंट: (सीमा आरिफ)

हमरंग पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना किसी काट-छांट के, हर चौथे या पांचवें दिन प्रकाशित होंगे | हमारे इस प्रयास को लेकर हो सकता ... Read More...

जश्न-ए-रेख्ता 2016: रिपोर्ट (सीमा आरिफ)

जश्न-ए-रेख्ता जलसे का आयोजन पिछले दो सालों से दिल्ली में किया जा रहा है.इस बार इस कार्यक्रम का आयोजन 12-14 फरवरी २०१६ को इंदिरा गांधी राष्टीय कला केंद्र दिल्ली में किया गया. कार्यक्रम की एक संक्षिप्त रिपोर्ट 'स... Read More...

‘सीमा आरिफ’ की कविताएँ…..

बेजुबान कलम से निकलती, और खोखली होती वैचारिक दीवारों को थपथपाती हमजुबां कविताएँ .........| १-  सीमा आरिफ अपनी सोच-विचारों को अपनी जेब में रखो जिसे तुम बड़े फ़ख्र से मार्क्सवाद,साम्यवादी विचारधारा कहते... Read More...

सोशल मीडिया का दिशा प्रवाह….! आलेख (सीमा आरिफ)

सोशल मीडिया,विकी,पॉडकास्ट,वेबब्लॉग,मिक्रोब्लॉगिंग जैसे टूल्स ने लोगो के ज्ञान प्राप्ति के माध्यमों को एक ऐसा मंच प्रदान किया जहाँ एक क्लिक से पूरी दुनिया  से जुडी जान कारी उनके सामने फैली पडी थी, .वहीँ लोगो के ... Read More...

‘सीमा आरिफ’ की कवितायें

प्रेम के सूक्ष्म एहसासों और जीवन कि तरह ज़िंदा यादों के फाहों से मानवीय संवेदना कि परतों को बिना आवाज़ खोलने का प्रयास करतीं ‘सीमा आरिफ‘ की  कविताएँ ………..| – संपादक  १- <img... Read More...

‘सीमा आरिफ’ की पांच कवितायें: humrang

आभासी दुनिया में खोये युवाओं में ह्रास होती मानवीय संवेदना और प्रेम को तलाश करती 'सीमा आरिफ' की कवितायें |...... 1 -   सीमा आरिफ यह फेसबुक पर जन्मे मुहब्बत टाइप अफ़साने लम्बी सड़कों से तेज़ दौड़ लगाते ... Read More...

इश्क़ वाला दिन: एवं अन्य कवितायेँ (सीमा आरिफ)

बाज़ारी प्रोपेगंडों से दूर इंसानी ह्रदय में स्पंदन करतीं मानवीय संवेदनाओं में प्रेम की तलाश करतीं 'सीमा आरिफ' की कवितायेँ .. इश्क़ वाला दिन इस मुहब्बत के दिन मैंने यह कविता तुम्हारे वास्ते भीड़ से खचाखच भरी ब... Read More...