बिटिया बड़ी हो गयी: कहानी (डॉ0 नंदलाल भारती)

"नरोत्तम- मुसीबत के माहौल में पले-बढ़े। मेरी भी नौकरी का कोई भरोसा नही था, मैं जातीय अयोग्यता की वजह से उत्पीड़न का शिकार हो चुका था । अपने तो खैर कोई शहर में थे नही । ये कामप्रसाद दूर गांव के सजातीय मिल गये थे। ... Read More...