स्त्री आंदोलन-इतिहास और वर्तमान: आलेख ‘पांचवीं क़िस्त’ (डॉ0 नमिता सिंह)

दरअसल मार्क्स ने वर्गीय आधार पर आधुनिक समाज में स्त्रियों के शोषण और उनकी निम्नतर स्थितियों के लिये बड़ी सीमा तक पूंजीवादी व्यवस्था को जिम्मेदार समझते हुए कहा कि स्त्रियों का संघर्ष चाहे वह परिवार में हो या कार... Read More...

स्त्री आंदोलन-इतिहास और वर्तमान: आलेख ‘चौथी क़िस्त’ (डॉ0 नमिता सिंह)

1949 में फ्रांस की प्रसिद्ध लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता सिमोन द बुआ ने ‘सेकिंड सेक्स’ पुस्तक लिखी। इसमें अपने मित्र अस्तित्ववादी फ्रांसीसी लेखक-चिंतक ज्याँ पाल सात्र से सहमत होते हुए स्त्रीवाद-अस्तित्ववाद के प... Read More...

स्त्री आंदोलन-इतिहास और वर्तमान: आलेख ‘दूसरी क़िस्त’ (डॉ0 नमिता सिंह)

स्त्रीवाद या नारीवाद या नारी विमर्श (फेमिनिज़्म) की जब बात की जाती है तो इसका तात्पर्य स्त्रियों के लिये समान अधिकार तथा उनका कानूनी संरक्षण है। प्रारंभिक चरणों में यह संघर्ष समानता और सम्मानजनक जीवन यापन के लि... Read More...

स्त्री आंदोलन-इतिहास और वर्तमान: आलेख (डॉ0 नमिता सिंह)

"आदिम समाज से लेकर कबीले या गण समूहों में मातृसत्तात्मक समाज ही था और वंश अथवा संतान की पहचान माता के रूप में होती थी। आदिम समाज के स्वच्छंद यौन संबंध हों या सामाजिक विकास का यह कबीलाई रूप हो जहां एक गण के पुरु... Read More...