नई थैरेपी…: व्यंग्य (ब्रजेश कानूनगो)

'यह सब आपके  तथाकथित विकास का परिणाम है। विकास के  नाम पर पूरा शहर खोद रखा है।सड़कों पर गड्‌ढे ही गड्‌ढे हैं,पुरानी सड़कों की रिपेयरिंग भी मात्र दिखाने के  लिए ही होती है,कुछ  दिनों में ही सड़केँ  फिर उखड़ जाती ह... Read More...