सज्जाद ज़हीर: तरक्कीपसंद तहरीक के रूहेरवां: आलेख (जाहिद खान)

"मेरी यह छोटी सी किताब प्रगतिशील आंदोलन से जुड़े उन तमाम कलमकारों, फनकारों, और संस्कृतिकर्मियों के नाम, जिन्होंने अपने लेखन और कला से कभी समझौता नहीं किया और आज भी अपने फन से देशवासियों में प्रगतिशील, जनवादी, लो... Read More...

धोखा, माँ एवं अन्य गज़लें : दिलशाद सैदानपुरी

रंग मंच कि दुनिया में प्रवेश करने से पहले आपने 'दिलशाद सैदानपुरी' के नाम से गज़लें लिखना शुरू किया और यह लेखन का सफ़र आज भी जारी है | हमरंग के मंच से कुछ गज़लें आप सभी पाठकों के लिए, हमरंग पर आगे भी यह सफ़र जारी रह... Read More...