एक चिनगारी घर को जला देती है: कहानी (तोलिस्तोय )

साहित्यिक संग्रह से 'तोल्सतोय' की कहानी ........ अनुवाद 'प्रेमचंद की' कलम से......|  एक चिनगारी घर को जला देती है  प्रमचंद -: अनुवाद - प्रेमचंद :- एक समय एक गांव में रहीम खां नामक एक मालदार किसान रहता था। ... Read More...

टिटवाल का कुत्ता: कहानी (सआदत हसन मंटो)

11 मई 1912 को पंजाब के समराला में जन्मे सआदत हसन मंटो उन विरले साहित्यकारों में शुमार हैं जिन्होंने महज़ कहानियों के बल पर ही वैश्विक पहचान हासिल की | ख़ास बात है कि मंटो की कहानियां महज़ कहानियाँ न होकर इंसानी फि... Read More...

चौधरी ‘अमरीका’: कहानी (संदीप मील)

जबतक लेखन जैसी विधा या पद्धिति से हमारा साक्षात्कार भी नहीं हुआ था तब समाज को सांस्कृतिक रूप से बांधे रखने और रचनात्मक चेतना की संवाहक रही लोक-कथाओं को,  इस आधुनिक चकाचौंध में विलीन होते महसूस कर रहे हैं किन्तु... Read More...

तेरे कप की चाय नहीं: कहानी (पंवार कौशल)

आधुनिक समाज में भी सदियों  से चली आ रहे  जातीय पुरुषवादी वर्चस्व को नकारते हुए, अपना अस्तित्व बनाए रखना किसी भी महिला के लिए आज भी उतना ही  मुश्किल हैं  जितना कि वर्षों पहले था | बेशक महिलाओं ने हर क्षेत्र में ... Read More...

मोहित बाबू का परिवार: कहानी (प्रेमकुमार मणि)

रोमान्टिज्म के साथ वैचारिक आरोहण वर्गीय चरित्र के उस केंचुल चढ़े सांप की तरह हो जाता है  जो  दलितों, पिछड़ों के सामाजिक और राजनैतिक उत्थान और मानव समानता और जन क्रान्ति की बात करते-करते कब अपना केंचुल उतार अपने अ... Read More...

हिमखंड के बाशिंदे: कहानी (गीताश्री)

सामाजिक, राजनैतिक बदलावों के साथ उद्घाटित होते वर्तमान के ताने बाने में उलझी इंसानी जिंदगी, मानो मकड़ी के जाले में फंसी हुई मक्खी | सतही तौर पर हँसते, गाते, मुस्कराते चेहरे जरूर हैं किन्तु मानव मन का सच क्या यही... Read More...

बांध: कहानी (कमलेश)

"देर रात एक नाव आती। नाव पर हथियार लिये कुछ लोग सवार रहते। बांध के चारो ओर नाव घूमती और जैसे ही कोई लड़की नजर आती हथियारबंद लोग उसे खींच कर नाव पर चढ़ा लेते। इसके बाद उस लड़की का पता नहीं चलता। जगदीश राय ने जहां श... Read More...

शाह की कंजरी, कहानी (अमृता प्रीतम)

अमृता प्रीतम के जन्मदिवस ...... आइये पढ़ते है उनकी  कहानी 'शाह की कंजरी'......  शाह की कंजरी  अमृता प्रीतम उसे अब नीलम कोई नहीं कहता था। सब शाह की कंजरी कहते थे। नीलम को लाहौर हीरामंडी के एक चौबारे में जवान... Read More...
मरना कोई हार नहीं होती: संस्मरण (हरिशंकर परसाई) -: परसाई द्वारा मुक्तिबोध पर लिखा गया संस्मरण :-

अली मंजिल: कहानी (अवधेश प्रीत)

‘अली मंजिल’ अवधेश प्रीत की हमरंग पर प्रकाशित होने वाली दूसरी और बहु चर्चित कहानी है|  कहानी अली मंजिल बिना किसी शोर के बिना किसी प्रत्यक्ष मानवीय त्रासद घटना के एक दम मौन रूप में भी न केवल मानवीय संवेदनाओ... Read More...
तीन मुलाकातें: कहानी (डा0 नमिता सिंह)

तीन मुलाकातें: कहानी (डा0 नमिता सिंह)

     डा0 नमिता सिंह तीन मुलाकातें मेरी और मिताली की पहली मुलाकात देहरादून में हुई थी। वहाँ के गवर्नमेंट गर्ल्स कालेज में दो दिन की सेमिनार थी। कथा साहित्य पर कोई विषय था। ‘विचार और सर्जनात्मकत... Read More...