डा0 भीमराव अम्बेडकर को पढने की जरूरत है: संपादकीय (हनीफ मदार)

डा0 भीमराव अम्बेडकर को पढने की जरूरत है   हनीफ मदार दलित चिंतन के बिना साहित्य या समाज को पूर्णता न मिल पाना एक व्यावहारिक यथार्थ है कि बिना दलित समाज या उस वर्ग पर बात किये हम अपने समय समाज को गति प्रदान नह... Read More...

दलित आन्दोलन को अस्मितावादी कहना एक बड़ा ही विरोधाभास: आलेख

जिस तरह भारत की आज़ादी की तहरीक सिर्फ भारतीय पहचान के लिए आन्दोलन नही थी .यह उपनिवेशवाद के खिलाफ , शोषण उत्पीडन के खिलाफ आन्दोलन था .इसी तरह दलित बहुजन का आन्दोलन शोषण उत्पीडन और राजनीतिक भागीदारी के लिए आन्दोलन... Read More...