शातिर आँखें: एवं अन्य कविताएँ (डॉ० मोहसिन खान ‘तनहा’)

इंसानी हकों के उपेक्षित और अनछुए से पहलुओं के मानवीय ज़ज्बातों को चित्रित करतीं 'डॉ० मोहसिन खान 'तनहा' का कवितायें  शातिर आँखें  डा0 मोहसिन खान ‘तनहा कई जगह, कई आँखें पीछा कर रही हैं आपका क़ैद कर रही हैं ... Read More...

इश्क़ वाला दिन: एवं अन्य कवितायेँ (सीमा आरिफ)

बाज़ारी प्रोपेगंडों से दूर इंसानी ह्रदय में स्पंदन करतीं मानवीय संवेदनाओं में प्रेम की तलाश करतीं 'सीमा आरिफ' की कवितायेँ .. इश्क़ वाला दिन इस मुहब्बत के दिन मैंने यह कविता तुम्हारे वास्ते भीड़ से खचाखच भरी ब... Read More...

प्रेम, एवं अन्य कवितायें (सुरेन्द्र रघुवंशी)

सामाजिक, राजनैतिक संकीर्णताओं के खतरनाक थपेड़ों से सदियों से जूझती आती प्रेम की अविरल धार को परिभाषित करते हुए उस सामाज के जटिल ताने-बाने में दूध और पानी की तरह घुल रहे बाज़ारी और राजनैतिक दुष्प्रभाव के बीच वर्तम... Read More...

प्यास…. : कविता (शबाना)

मानव जीवन के चिंतन से गुज़रती संवेदनशील कविता बुनने का सार्थक प्रयास 'शबाना' की कलम से ........ प्यास....   शबाना पेन्सिल मिली, पैन मिला। एक कागज़ कहीं से ढूंढ लिया लिखने को मन विचलित हुआ पांच-दस मिनट ... Read More...