डॉ. मोहसिन ख़ान ‘तनहा’ की गज़लें: humrang

डॉ. मोहसिन ख़ान 'तनहा' की गज़लें  डा0 मोहसिन खान ‘तनहा 1-  ज़्यादा उड़िये मत वर्ना धर लिए जाएंगे। अब हौसलों के पंख कतर लिए जाएंगे। आजकल मौसम है तेज़ाबी बारिश का, तो ख़ुद को बाहर किधर लिए जाएंगे। बेबाक बात... Read More...

शिकार करने का जन्मसिद्ध अधिकार: व्यंग्य (आरिफा एविस)

यह जंगलराज के गर्व की बात है कि जन्मजात राजा ही जंगल पर राज करे. राजा ने ये एलान कर दिया कि वह जन्मजात अधिकारों को कभी भी जंगल से हटने नहीं देगा. जो भी जंगलराज के जन्मजात कानूनों को तोड़ने की कोशिश करेगा दंड का ... Read More...

पानी नहीं है तो क्या हुआ कोक पियो, खेल देखो: व्यंग्य (आरिफा एविस)

"करीब दस राज्यों के साथ महाराष्ट्र के कई जिले सूखा ग्रस्त घोषित कर दिये गए. लेकिन अब लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं, अगर कोई किसान पानी के नाम पर देशभक्ति में बाधा डालने की कोशिश करेगा तो देशभक्ति को बनाये र... Read More...

हलाला निकाह: एक वैध वेश्या-वृत्ति: आलेख (हुश्न तवस्सुम निहाँ)

"कहा जाता है कि शरीयतन स्त्री को इस्लाम में तमाम अधिकार दिए गए हैं। ऐसा वास्तव में है भी किंतु ये अधिकार कभी अमल में लाते हुए दिखाई दिए नहीं। अर्थात ये सारे महिला अधिकार सिर्फ धर्म ग्रंथों तक ही सीमित हो कर रह ... Read More...