कथा कहानी

कविता

कविता

एक जोड़ा झपकती हुई आँखें : कविता (पद्मनाभ गौतम)

हमरंग का संपादकीय आलेख 'विचलन भी है जरुरी ' को पढ़ते हुए 'पद्मनाभ गौतम' को यह अपना भोगा हुआ यथार्थ लगा | और सहज ही उनकी क... Read More...

जिस्म ही नहीं हूँ मैं : कविता (संध्या नवोदिता)

कविता के रूप में आकार लेती आधुनिक स्त्री जो लवरेज है अपने समय के ज़िंदा सवालों से, जो ढहा चुकी है सामाजिक रुढियों के मानव... Read More...

हाशिये पे खडे़ लोग : कवितायें (लतिका बत्रा)

कविता अभिव्यक्ति का वह आलोड़न है जो सहज ही व्यक्तिगत स्पन्दनों को समष्टिगत भावों की ओर अग्रसर कर देता है । ह्रदय स्पंदन ... Read More...

संपादकीय

विचलन भी है जरूरी: ‘हमरंग’ संपादकीय

विचलन भी है जरूरी  हनीफ मदार कल चाय की एक गुमटी पर दो युवाओं से मुलाक़ात हुई दोनों ही किन्ही मल्टीनेशनल कम्पनियों में कार्यरत हैं | इत्तेफाक से दोनों ही कभी म... Read More...

ऑडियो

टोबा टेक सिंह: ऑडियो कहानी (आवाज़ ‘यूनुस खान’)

हर वक़्त में बेहद प्रासंगिक नज़र आती भारत विभाजन पर मानवीय त्रासदी की संवेदनशील दास्तान सी  'सआदत यूनुस खान हसन मंट... Read More...

सुनिए ‘एक जीवी एक रत्‍नी एक सपना’ कहानी अमृता प्रीतम, (आवाज़ “ममता सिंह”)

आज  ‘हमरंग’ में सुनते  हैं, अमृता प्रीतम की कहानी ‘एक जीवी, एक रत्‍नी, एक सपना’। बी बी सी की रेडिओ उद्घोषक ‘ममता सिंह’ क... Read More...

विमर्श-और-आलेख

किताबें

रंग मंच और सिनेमा

पुरस्कार वापसी का अर्थ : रिपोर्ट (मंडलेश डबराल)

पुरस्कार वापसी का अर्थ मंडलेश डबराल साहित्य अकादेमी ने अगर अगस्त में कन्नड़ वचन साहित्य के विद्वान् एमएम कलबुर्गी की बर्बर हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की होती तो शायद नौबत यहाँ तक नहीं आती कि देश की इतनी सा... Read More...

बच्चों को कम न आंके : नाट्य रिपोर्ट (शिवम् राय)

बच्चों को कम न आंके शिवम् राय भारतेन्दु नाट्य अकादमी ‘रंगमण्डल’ लखनऊ के द्वारा हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी एक माह की ‘बाल रंगमंच कार्यशाला’ की गयी। जिसके अन्तर्गत पंजाबी नाटककार डा० सत्यानन्द सेवक के नाटक ‘क... Read More...

समाज की तृष्णा अनदेखी रह गई.. : फिल्म समीक्षा (सैयद एस तौहीद)

समाज की तृष्णा अनदेखी रह गई..  एस तौहीद शहबाज़ प्रेम रतन की परिभाषा एवम दायरा इतना अधिक सीमित नही होना चाहिए जितना कि हालिया रीलिज 'प्रेम रतन धन पायो' या उसके समान फिल्मों में पेश किया जाता है. प्रेम एहसान तथ... Read More...

शोध आलेख

संत कबीर और आधुनिक हिन्दी काव्य: शोध आलेख (प्रमिला देवी)

'जननायक कबीर का प्रभाव साहित्य पर आज छह सौ वर्षो के बाद भी ज्यों का त्यों देखा जा सकता है । आज जब भी धरती के किसी कोने म... Read More...

कश्मीर : एक संक्षिप्त इतिहास: ‘छटवीं और अंतिम क़िस्त’ (अशोक कुमार पाण्डेय)

कश्मीर के ऐतिहासिक दस्तावेजों और संदर्भों से शोध-दृष्टि के साथ गुज़रते हुए “अशोक कुमार पाण्डेय”  द्वारा लिखा गया ‘कश्मीर ... Read More...
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